Monday, May 4, 2009

उफ्फ्फ...!!! अडवाणीजी पर फ़िर जूता फिंका :-


8 comments:

  1. सारी दुनियां तो ये कह रही है कि कल्याण ने खुद अपने मुंह में जूता ठूंस लिया है
    समझ समझ का फेर है भाई

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  2. एक फैक्‍टरी तो
    इन पर जूते
    फेंकने के लिए
    ही नियत कर
    दी जानी चाहिए

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  3. कल्याणसिंह सेकूलरियों को बेबकूफ समझते हैं, असल जूता तो उन्होंने सेकूलरियों की टांट पर मारा है, लेकिन सेकूलरिये अपनी टांट को खुजाने के बजाय आकाश ताक रहे हैं:)

    जनता तो कल्याणसिंह को अपना जबाब दे देगी, जल्दी ही
    जय हो! जनता की!

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  4. 2009 को 'जूता वर्ष' घोषित कर देना चाहिए.

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  5. जिन्ना की जय नही बोलना, पाकिस्तान नही जाना।
    पाकिस्तानी धरती पर जाकर, भगवा फहरा आना।।

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  6. Lalkrishna adavani pakistan ki shan hai.
    Jinha us ko lagata hai rashtravadi
    kyu ki adavaniji ki mati chura legaye hai atankvadi
    Adavaniji bhul gaye he ke who rahate hey hindustan main.
    Vo to apani janmabhumi ki mitti ka run chuka rahe hai,vo bharat ko pakistan bana rahe hai

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