Monday, March 23, 2009

छक्का...


6 comments:

  1. गुड़ गुरुजी!छक्का तो आपने मारा है.आज सुबह से इस खबर को पढ़कर ऐसा ही झन्नाटेदार कार्टून बनाने का मन था,आपने मेरी इच्छा पूरी कर दी...विदेशी खेल है,विदेश में ही रहे तो अच्छा है.गुड.कार्टून में ड्राइंग से बढिया एरियल व्यू दिखाया है,जो टैक्निकली बहुत टेढ़ा काम है.

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  2. तारीफ के लिए शुक्रिया इरफान भाई,एरियल व्यू वाली बात आप ही समझ सकते हैं वर्ना आजकल तो ड्राइंग को ही महत्व दिया जाता है . मेरी नजर में दिल को छू जाये , तिलमिला दे वही कार्टून है पर आज लोग कार्टून को हंसने की चीज समझते हैं, मेरी गुजारिश है एक बार अपने ब्लॉग पर इस विषय पर भी लिखें. धन्यवाद.

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  3. अगर चुनाव के समय दिवाली या ईद आ जाये तो हम अमेरिका में जा कर दिवाली या ईद मानायेगें अगर 15 अगस्त या 26 जनवरी आ जाये तो होनुलुलु में जा कर झण्डा फहरायेगें क्यों कि नेता हमारे भाग्य विधाता है

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  4. kirtish ne bhi bilkul hubahu is sabject par yahi ka yahi cartoon banaya he... krpaya batane ka kasht kar usne aapka tipa ya aapne uska.....????

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  5. कोई किसी को नहीं टीपता बन्धु . कभी -कभी आइडिया जरूर मेच कर जाते हैं .

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  6. टिप्पणीकर जी , मैंने कीर्तिश जी साईट पर जाकर देखा यदि आप
    http://bamulahija.blogspot.com/search?updated-max=2009-03-24T02%3A18%3A00-07%3A00&max-results=1
    की बात कर रहे है तो दोनों ही कार्टून २३. मार्च को पोस्ट हुए हैं और दोनों ही कार्टूनों में ड्राइंग ही नहीं विचार में भी फर्क हैं. आप गौर से देखें. और रही सब्जेक्ट की बात तो इस सब्जेक्ट पर मेरे या कीर्तिश के ही नहीं और कार्टूनिस्टों ने भी कार्टून बनाये हैं .

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